Sab Help के सभी पाठकों को होली की ढेर सारी शुभकामनायें |

Sab Help के नए पुराने और रोज आने वालें पाठक सभी सभी को सागर प्रकाश की तरफ से होली की बहुत बहुत बधाई हो !!!!

होली के पर्व पर अनेक पौराणिक  कहानियाँ जुडी हुई हहैं  उनमे से सबसे प्रसिद्ध कहानी  है भक्त प्रह्लाद की !

प्राचीन कल में दानव  राज हिरण्यकश्यप ने ब्रह्म जी की तपश्या करके उनसे यह वरदान पा लिया था की संसार का कोई भी जीवजन्तु , मानव , दानव , देवी , देवता कोई भी उसे न मार सके न वह रात में मरे न वह दिन में मरे न सुवह न शाम को मरे , न पृथ्वी पर मरे न आकाश में मरे , न घर के अन्दर न घर के बाहर  यहाँ तक की कोई भी शास्त्र उसे न मार पाए |

एसा वरदान पा कर वह घोर निरंकुश बन बैठा | हिरण्यकश्यप के यहाँ प्रह्लाद जैसा ईस्वर में  विश्वास रखनेवाला विष्णुभक्त ने जन्म लिया | प्रह्लाद  भगवान विष्णु का परम भक्त था और उस पर भगवान विष्णु की कृपा दृष्टि थी |

हिरण्यकश्यप स्वयं को भगवान मानता था और उसने प्रह्लाद को अपनी स्तुति करने को कहा और उसके आलावा और किसी की स्तुति न करें एसा आदेश दिया |

परन्तु भक्त प्रह्लाद न माने और विष्णु की भक्ति करने लगे तो उसने प्रह्लाद को मरने के अनेक उपाए किये विष्णु कृपा से प्रह्लाद हर समय बचते रहे |

हिरण्यकश्यप की बहन होलिका  को अग्निदेव से एसा वरदान प्राप्त था की अग्नि उसे नहीं  जलाती थी , और हिरण्यकश्यप ने आपनी बहन के साथ मिलकर प्रह्लाद को अग्नि में जलाकर मारने की योजना बनाई |

होलिका बालक को गोद में बिठाकर जलाकर  मारने की  उदेश्ये से धू –धू कर जलती हुई आग में जा बैठी , भगवान विष्णु की कृपा से होलिका का वरदान निष्फल हुवा और भगवान विष्णु ने बालक प्रह्लाद को बचालिया , होलिका वहीँ जलकर राख हो गई |

तत्पश्चात भगवान विष्णु ने नरसिहं का रूप धारण कर खम्बे से प्रकट हो कर अत्याचारी हिरण्यकश्यप को गोधुली समय में (सुबह और शाम के समय का संधिकाल) दरबाजे के चौखट में बैठकर नाख़ून से फाड़कर मारडाला |

तब से होली का पर्व हिन्दू समाज में मनाया जाता है |

आपकी जिंदगी की होली रंग विरंगी ढेर सारी खुशियाँ आपके जीवन में और आपके परिवार के लिए लेकर आयें  Happy Holi 2017| इंजॉय कीजिये खूब होली खेलिए मस्ती कीजिये | मिलते है होली के बाद !!!!

 

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